Hindi Poetry Collection by Writer Bhavesh Parmar

वो लौट आयी दिल के हर दर्द पे अब मेने रोक लगाई है सब चले गए यहाँ में ओर मेरी तन्हाई है रात के अंधेरो में भी मुजे तू नजर आई है लेकिन यहाँ तू नही सिर्फ मेरी परछाई है कई बरस तेरी राह देखता रहा में यहाँ पर जब कि यहाँ ठोकर पे ठोकर […]Continue reading

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